
देहरादून। थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा का सड़क हादसे में मौत हो गई। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर व्याप्त है। इसी बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा
सीएम धामी ने कहा कि थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा जी के सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से थारू समाज की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाई। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों, प्रशंसकों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें।
ॐ शांति! आपको बता दें कि लोकगायिका रिंकू राणा की पहचान केवल खटीमा, नानकमत्ता और सितारगंज तक सीमित नहीं थी बल्कि देवभूमि के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में उनके लोक गायन को काफी ज्यादा पसंद किया जाता था। स्थानीय लोगों ने इसे जनजातीय संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।




